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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 4

India China Story

सत्रहवें करमापा को शरण देने से खीझा चीन जनवरी 2000 में जब दलाईलामा का उत्तराधिकारी सत्रहवां करमापा चीन के कब्जे से किसी तरह छूटकर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आ गया। दलाइलामा को भारत में शरण देने से नाराज चीन सत्रहवे करमापा के भारत पहुंचने से और झुंझला गया। इसके बाद चीन सरहद पर छुटपुट घटनाएं चलती रहीं। लेकिन 2000 में जब चीन ने अक्साई चीन इलाके की वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब 5 किलोमीटर भीतर पक्की सडक़ बना ली…

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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 3

India China Story

हम सहते रहे और वो हमें चमकाते रहे। भारत को अपनी कूटनीतिक अक्षम्य भूलों का सिला 1962 में चीन के हाथों लड़े गए आधे अधूरे युद्ध में पराजय से मिला और इससे भी शर्मनाक बात तो यह रही कि श्रीलंका जैैसे अदने से देश ने चीन के साथ हमारी मध्यस्थता कराई। भारत के यह मानने में कई साल गए कि चीन कभी भी हमारा स्वाभाविक मित्र  नहीं बन सकता। वह 1955 से लगातार अपने विस्तारवादी नीतियों पर खुले आम चल…

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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 2

India China and POK

मैदान मेेंं जीतते रहे , लेकिन मेज पर हारते रहे उन्नीस सौ बासठ की लड़ाई में हार और चीनी धोखे के बाद भारतीय राजनेताओं की सोच में बदलाव आया। वो यह कि देश की सीमा को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत और सुसज्जित सेना की जरूरत है। इसी बदली हुई सोच का नतीजा 1965 में देखने को मिला। पाकिस्तान ने भारत की कमजोरी को भांपकर हमला किया लेकिन उसे बुरी तरह मुंह की खाना पड़ी। लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व…

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