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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 12

India China Story

मौजूदा परिस्थितियों में चीन के विकल्प पिछले अंक में हमने देखा की भारत के पास सिर्फ दो ही विकल्प हैं। इसके विपरित चीन के पास तीन विकल्प मौजूद हैं। चीन के पास भी पहला विकल्प यही है कि वह हमारी मांग को मानते हुए अप्रैल 2020 की स्थिति में आ जाये और भारत की तरफ एक सच्चे पड़ौसी देष की तरह दोस्ती का हाथ बढ़ाये। परंतु क्या यह संभव है ? क्या चीन अपनी विस्तारवादी नीतियों को छोड़ सकता है?…

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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 5

India China Story

भारत और चीन के लिए लद्दाख का सामरिक महत्व 2018 में भारत का एक केन्द्र शासित प्रदेष बने लद्दाख के दक्षिण में जंसकार पर्वतमाला और उत्तर में काराकोरम पर्वतमाला है और बहुत पुराने समय से ही सिल्क रूट के लिए प्रसिद्ध रहा है। भारत और चीन दोनों के लिए लद्दाख का बहुत बड़ा सामरिक महत्व है। भौगोलिक दृष्टि से भारत के सबसे बड़े केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख का हमारे पास कुल इलाका 59 हजार वर्ग किलोमीटर है जबकि गिलगिट बाल्टिस्तान…

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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 4

India China Story

सत्रहवें करमापा को शरण देने से खीझा चीन जनवरी 2000 में जब दलाईलामा का उत्तराधिकारी सत्रहवां करमापा चीन के कब्जे से किसी तरह छूटकर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आ गया। दलाइलामा को भारत में शरण देने से नाराज चीन सत्रहवे करमापा के भारत पहुंचने से और झुंझला गया। इसके बाद चीन सरहद पर छुटपुट घटनाएं चलती रहीं। लेकिन 2000 में जब चीन ने अक्साई चीन इलाके की वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब 5 किलोमीटर भीतर पक्की सडक़ बना ली…

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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 3

India China Story

हम सहते रहे और वो हमें चमकाते रहे। भारत को अपनी कूटनीतिक अक्षम्य भूलों का सिला 1962 में चीन के हाथों लड़े गए आधे अधूरे युद्ध में पराजय से मिला और इससे भी शर्मनाक बात तो यह रही कि श्रीलंका जैैसे अदने से देश ने चीन के साथ हमारी मध्यस्थता कराई। भारत के यह मानने में कई साल गए कि चीन कभी भी हमारा स्वाभाविक मित्र  नहीं बन सकता। वह 1955 से लगातार अपने विस्तारवादी नीतियों पर खुले आम चल…

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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 1

India China and POK

भारत-चीन सीमा के  बीच जारी विवाद अब गहरे तनाव में तब्दील हो चुका है। लेकिन देश में मौजूद दूसरे मुद्दों की तरह लोगों का एक बड़ा तबका आधी अधूरी जानकारियों के आधार पर अपनी राय दूसरों पर थोपने की कोशिश कर रहा हैं। ऐसा करने वालों में देश के कई जिम्मेदार दल भी हैं जिनके कुछ नेता प्रधानमंत्री को घेरने के फेर में ऐसी बयानबाजी करते दिख रहे हैं जिससे यह आभास होता है कि मानों वह देश हित की…

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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 6

India China Story

भारतीय सेना बनाम् पी.एल.ए. युद्ध में मुख्यतः दो चीजों अहम होती हैं। पहली सैनिकों की सोच, मानसिक शक्ति और देष प्रेम की भावना। दूसरी सैनिकों के पास युद्ध के लिए हथियारों की मारक क्षमता। एक प्रसिद्ध कहावत है कि हथियार से ज्यादा हथियार को चलाने वाली की मानसिक शक्ति और क्षमता ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। अगर ऐसा नहीं होता तो सारागढ़ी के युद्ध में (फिल्म केसरी) 21 सिख जवान हवलदार ईषर सिंह के नेतृत्व में 12000 से ज्यादा अफगान कबालियों…

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भारत चीन की कहानी – कर्नल बी बी वत्स की जुबानी – 7

India China Story

गलवान घाटी और पैंगुंग सो झील डारबुक-ष्योक-डीबीओ सड़क (डी.एस.डी.बी.ओ.) लद्दाख के उत्तरी भाग में दौलत बेग ओल्डी पोस्ट (डी.बी.ओ.) को लेह से जोड़ने वाली सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 220 किमी लम्बी, सभी मौसमों में इस्तेमाल की जा सकने वाली सड़क है। इस सड़क को सन् 2000 में बनाना शुरू किया गया और 2014 में इसे पूरा करना था परंतु तकनीकि खामियाँ पाई जाने के बाद इस सड़क को अप्रैल 2019 में पूरा किया गया। यह सड़क लेह को दार्बुक और…

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